janmastami 2022 - भगवान कृष्ण की इन विशेषताओं से बनेगा आपका व्यक्तित्व खास

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janmastami 2022- भगवान कृष्ण की इन विशेषताओं से बनेगा आपका व्यक्तित्व खास

janmastami 2022 - भगवान श्री कृष्ण की विशेषताओं के बारे में इस लेख में लिखी गई बातें आज के कलयुग -  द्वापर युग से संबंध जोड़कर लिखी गई हैं। इस लेख में आपको यह जानकारी मिलेगी कि कर्म और गुणों में भगवान कृष्ण (krishna kaun hai) कैसी विशेषता रखते हैं। 

न्याय की नीतियों के पथ प्रदर्शक

about krishna janmashtami - भगवान कृष्ण अपनी न्याय की नीतियों पर चलने को लेकर जाने जाते हैं। श्री कृष्ण ने पाण्डवों का साथ इसीलिये दिया था क्योंकि वह  सत्य के साथ खड़े थे। अपने बड़े भ्राता बलराम जी की भी बात को टालते हुए महाभारत युद्ध के समय उन्होंने पांडवों का साथ दिया था हजारों सेनाओं को कौरवों ने मांग लिया था।

कहने का तात्पर्य यह है कि आज कल कलयुग में लोग चापलुसी करते रहते हैं सहीं को सहीं और गलत को गलत मानने में भी तर्क और न्याय की बात नहीं सोचते हैं।

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कमजोर लोगों की सहायता  

inspirational krishna quotes in hindi - भगवान कृष्ण अपने लोगों को कभी भी धन से कमजोर होने के बावजूद भी अपनाया था। जैसे उनके बचपन का मित्र सुदामा जिसको उन्होंने बाद में आदर सत्कार के साथ महलों में जगह दी थी और उसकी तकलीफ दूर की और कभी भी उसे इतनी मदद करने के बाद भी महसुस नहीं कराया। 

आज युग में कुछ लोग गरीबों कोे अपमाानित करते हैँ और अमीर लोगों के पक्ष में खड़े रहते हैं। चापलूसी करने वालें लोग पक्षपात करते हैं। 

वचन निभाने में अग्रणी : 

भगवान श्री कृष्ण महिलाओं का सम्मान करते थे। उन्होंने द्रौपदी को अपनी बहन मानते हुए उनकी रक्षा करने का वचन निभाया था। एक रक्षक के रूप में बचपन में गाय चराया था और गाय की रक्षा की थी।  आज के समय में ऐसा देखने को मिलता है कि लोग वादा निभाने में अपना स्वार्थ देखते हैं और लालच के कारण लोग अपने बातों से मुकर जाते हैं। 

एक महान रणनीतिज्ञ : 

महाभारत में जब युद्ध चल रहा था तब पूरे युद्ध में कौरवों के पास अपार सेना और रणनीतिकार की भरमार मौजूद होने के बावजूद  भगवान कृष्ण ने अकेले ही ऐसी रणनीति बनाई थी कि भीष्म पितामह जैसे महान लोगों को भी कोई मौका नहीं दिया। युद्ध की शुरूआत से अंत तक कृष्ण जो भी निर्णय लेते थे वह सहीं साबित होता था। 

सत्य और धर्म की रक्षा  : 

श्री कृष्ण ने सत्य का साथ और धर्म की रक्षा करने का संदेश दुनिया को दिया है।  गीता के ज्ञान से हमें जो संदेश मिलता है उनमें भगवान श्री कृष्ण ने सत्य और धर्म की रक्षा करने का संदेश भी अहम रूप से दिया है। आज के इस युग में कलयुग में सत्य और धर्म की रक्षा करने का समय है। जैसे-जैसे कलयुग आगे बढ़ता जा रहा है सत्य  और धर्म की रक्षा करने वालों की आवश्यक्ता बढ़ती जा रही है। 

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शालीनता के साथ रहना : 

श्री कृष्ण भगवान में जो खासियत है वह है उनकी  शालीनता। शालीनता का मतलब है कि भगवान कृष्ण ने जिन-जिन का कल्याण किया है उनकी मदद की है तो कृष्ण भगवान ने कभी भी अपेक्षा नहीं की है। बड़े-बड़े महलों में रहने के बाद भी कृष्ण जी ने शालीनता नहीं त्यागी।  जबकि आज की दुनिया में दिखावे के लिये लोग कुछ भी करने को तैय्यार हैं।  दिखावा करने से अच्छा है  एक शालीनता भरे जीवन को जीना।   

 

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