sco summit : भारत करेगा शंघाई देशों को सहयोग

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sco summit	: भारत करेगा शंघाई देशों की मदद
 sco summit : भारत की तरक्की का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आजाद भारत में पहली बार भारत के सामने अमेरिका इतना करीब नजर आया है जो पहले कभी पाकिस्तान के पक्ष में बोलता था वह अमेरिका अब भारत की बात का महत्व समझता है और भारत के सहयोग को अपनी शक्ति समझता है।   

shanghai cooperation organisation : आज हम बात कर रहे हैं शंघाई सहयोग संगठन (shanghai cooperation organisation summit ) की जिसमें भारत के सबसे बड़े दोस्त और सबसे बड़े दुश्मनों का भी नाम शामिल है। आज के समय में भारत का सबसे बड़ा दोस्त और उसके सबसे करीब रहने वाला देश रूस है। इसके अलावा सबसे खतरनाक दुश्मन चीन और पाकिस्तान भी शामिल है।चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन के पूर्णकालिक सदस्य देश हैं।

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अमेरिका ने बदले भारत के लिये नियम

 india & shanghai cooperation organisation (sco) : अब भारत की जरूरत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत को नाराज ना करते हुए अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले फैसले पर पलटी मार ली । अमेरिका ने अपने नियमों को बदलकर रख दिया जिससे भारत व्यापार के क्षेत्र में रूस से बिना किसी प्रतिबंध के तेल खरीद सकता है। हालांकि भारत पहले भी झुका नहीं था और रूस से व्यापार करता रहा।

शंघाई सहयोग संगठन और भारत करेंगे विकास

foreign diplomacy (videsh niti )  - उद्योग के क्षेत्र में भारत ने रूचि लेते हुए  उद्योगपतियों के साथ सहयोग करने की बात भी कही है जिससे आने वाले समय में उद्योगों का विस्तार भारत के सहयोग से इन देशों को मिलेगा। चाहे बात सामाजिक हो आर्थिक हो अथवा और औद्योगिक हो भारत ने संघाई सहयोग संगठन में अपना पूर्ण सहयोग देने की बात की है।

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भारत की कोविड में भी बढ़ी अर्थव्यवस्था

shanghai cooperation organisation summit  2022 - भारत के मजबूत औद्योगिक वातावरण पर जोर दिया और दोहराया कि कोविड-19 महामारी के कारण व्यवधानों के बावजूद, 2021-22 में इसके प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है।  बात की जाये औद्योगिक वातावरण की तो देश में इसके सुधार के लिए श्रम बाजार के लिए अनेक सुधार भी शुरू किए गए हैं। साथ ही  देश में सकल घरेलू उत्पाद में खनन और उत्खनन, विनिर्माण और निर्माण का हिस्सा अब 28 प्रतिशत है।
sco summit  2022  कुल मिलाकर देखा जाये तो भारत की ताकत कोरोनाकाल में और ज्यादा बढ़ती हुई दिखी है। चाहे बात वैक्सीन देने की हो या अफगानिस्तान, रूस, यूक्रेन श्रीलंका जैसे देशों की मदद करने की बात हो भारत9 ने बीते ३ सालों में देशों की मदद कर साबित कर दिया है कि भारत अपना घर सम्हाल सकता है पर दूसरे देशों की तकलीफ पर भी सहयोग करने की ताकत रखता है।  अब शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत का यही नजरिया दिखा है।

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