cg news : छत्तीसगढ़ में क्यों छाया है महंगाई भत्ता ?

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cg news : छत्तीसगढ़ में जो महंगाई भत्ते  ‍मुदृा छाया है तो आज जाानेंगे कि महंगाई भत्ता क्या है और महंगाई भत्ते के लिये 7वें वेतनमान की क्या सिफारिशें है और वेतनमान आयोग ने क्या नये प्रावधान किये हैं जिससे क्या लाभ मिलेगा (news in cg) जानिये इस पोस्ट में। 

छत्तीसगढ़ में क्यों छाया महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता ? 

cg hindi samachar : छत्तीसगढ़ में क्यों छाया महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता । दरअसल  छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन (karmchari adhikari federation) के आव्हान पर पूरे प्रदेश में कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांग केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता के लिए आंदोलन किया। 5 लाख से अधिक शासकीय अधिकारी-कर्मचारी शामिल इस आंदोलन में शामिल हुए। जिस कारण से प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में सरकारी कामकाज पूर्ण रुप से ठप रहा । राज्य के कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 5000 से 10000 रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। आर्थिक नुकसान होने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन में गये। कर्मचारी फेडरेशन 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है  इस पोस्ट में कर्मचारी फेडरेशन के मांगों का उल्लेख तो नहीं किया गया है पर आपकी जानकारी बढ़ाने के लिये यहॉ आपको महंगाई भत्ता और गृहभाड़ा भत्ता के बारे में जानकारी दी गई है।

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आईए आपको बताते हैं कि महंगाई भत्ता और गृहभाड़ा भत्ता क्या है। 
DA and 7th Pay Scale - महंगाई भत्ता (डियरनेस अलाउंस) या महंगाई भत्ता दरअसल कर्मचारी की वेतन का ही एक ख़ास हिस्सा होता है. इसमें बेसिक सैलेरी के तय प्रतिशत को अलग से भत्ते या अलाउंस के तौर पर दिया जाता है। सरल शब्दों में डियरनेस अलाउंस जीवन-यापन से जुड़ा हुआ भत्ता है जिसे सरकार अपने पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों को देती है. इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती हुई महंगाई से निबटना होता है.

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news of cg -  कर्मचारियों के कार्यस्थल के मुताबिक़ अलग-अलग होता है, इसी प्रकार से पद और कर्मचारियों की श्रेणी के अनुसार भी डीए अलग अलग हो सकता है। 

सरकारी कर्मचारियों के लिए भारत सरकार के सभी नागरिक और सैन्य डिवीजनों के लिए उनके भुगतान ढांचे को बढ़ाने के लिए 7वें वेतन आयोग की स्थापना की गई है। डीए लिविंग कॉस्ट यानी रहने के इलाके के आधार पर तय होता है इसलिए यह  शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग निर्धारित होता है। भिन्न क्षेत्रों में डीए के अलग होने का अर्थ है कि अलग-अलग जगहों पर आपकी वेतन भी अलग-अलग होगी।

क्या है सातवें वेतन आयोग की सुविधा : 

news cg raipur  - सातवें वेतन आयोग की मुख्य बातें - 7वां वेतन आयोग जिसके अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए हितकारी है। फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.67  किया गया है। खास बात यह है कि प्रत्येक पद के वेतन स्तर में वृद्धि की गई है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए भुगतान

प्रवेश स्तर पर सरकारी कर्मचारी के लिए न्यूनतम भुगतान रुपये से बढ़ा दिया गया है। 7,000 से रु. 18,000. एक नव चयनित वर्ग  अधिकारी के लिए, वेतन को बढ़ाकर रु 56,100 प्रति माह।  वहीं, सरकारी कर्मचारियों का अधिकतम भुगतान रु. एपेक्स स्केल के लिए 2.25 लाख प्रति माह और कैबिनेट सचिव और समान स्तर पर काम करने वाले अन्य लोगों के लिए यह रुपये है। 2.5 लाख। 7वें वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारी की स्थिति ग्रेड पे से नहीं, बल्कि ऊपर बताए गए नए पे मैट्रिक्स के स्तर से तय की जाएगी।

काम से संबंधित बीमारी और चोट की छुट्टी 

7वां वेतन आयोग प्रणाली  उन सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन और भत्ता देता है जो बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। वेतन आयोग ने सभी कर्मचारियों के लिए 2.57 के फिटमेंट फैक्टर ((पे बैंड और ग्रेड पे) की सिफारिश की है।

महंगाई भत्ता (DA)

महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और करीब 55 लाख पेंशनभोगियों और कर्मचारियों को फायदा हो सकता है. पहले यह 5 प्रतिशत था और अब 7 प्रतिशत हो गया है।

वार्षिक वेतन वृद्धि

वेतन आयोग ने 3 प्रतिशत प्रति वर्ष की वार्षिक वेतन वृद्धि जारी रखने का सुझाव दिया है। यानी जो भी वेतन होगी उसका तीन प्रतिशत हर साल वृद्धि। 


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