India Rankings 2022: ऐसे देश की तरक्की में योगदान देंगे युवा

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India Rankings 2022: इंडिया रैंकिंग से क्या होता है लाभ

nirf ranking 2022 - इंडिया रैंकिंग (nirf 2022 )भारत सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय हर साल योग्यता के आधार पर रैंकिंग जारी करती है।  हालांकि यह nirf ranking में हर साल बदलाव होता रहता है पर बात की जाये शिक्षा की तो गुणवत्ता के आधार पर ही देश के टॉप कॉलेजों व युनिवर्सिटी को रैंक दिया जाता है। आईये जानते हैं कैसे इस रैंक को देने के लिये किन मापदंडों के आधार पर चयन किया जाता है। आपको बता दें कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारत के शिक्षण संस्थानों की रैंकिग को तैयारकरने के लिये को विभिन्न श्रेणियों में बांटा जाता है। 

education news: देश की तरक्की में योगदान

 स्कूल व कॉलेजों की शिक्षा व छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर ही देश में नये युवाओं की खोज होती है। इसीलिये भारत सरकार की ministry of education ने रैंकिंग का मापदंड अपने योजनाओं के अनुसार तय किया है। इस योजनाओं के लाभ को ध्यान में रखकर ही कॉलेजों और स्कूलों की शिक्षा नीति भी बनाई जा रही है। कहने का तात्पर्य यह है कि भारत में रह रहे युवाओं को जिस किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ना हो तो वह कहीं न कहीं भारत की तरक्की में भी अपना योगदान दें इसीलिये प्रयोग किया जा रहा है देश की केन्द्र सरकार द्वारा। 

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उद्यमी और नवाचार को शामिल करने से होगा ये लाभ

education ranking: आपको बता दें कि भारत के शिक्षा मंत्रालय ने आगे के रैंकिग मापदंडों में नया बदलाव करने का फैसला लिया है। इस नये रैंकिंग मापदंड को अगले वर्ष के रैंकिंग में शामिल किया जायेगा। नवाचार और उद्यमी को बढ़ावा देने के लिये ऐसा किया जायेगा। 

देश में मेक इन इंडिया और लोकल टू वोकल व स्टार्टअप योजना का विस्तार करने में भी फायदा देने के लिये ऐसा किया जा रहा है। हमारे देश में अभी हाल की रिपोर्ट की मानें तो इंपोर्ट व एक्सपोर्ट में इजाफा देखने को मिला है। निर्यात के क्षेत्र में भी नया रिकार्ड बना है। 

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education Rankings 2022 कैसे होता है चयन: 

भारत के जो भी संस्थानों को शीर्ष पर आने के लिये  संस्थानों में शिक्षण, लर्निंग और संसाधन, अनुसंधान और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच और समावेशिता और सहकर्मी  की सुविधाओं को भारत सरकार द्वारा देखा जाता है। बता दें कि  इसके अंतर्गत ओवरऑल, विश्वविद्यालय, कॉलेज, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, कानून, चिकित्सा, वास्तुकला, दंत चिकित्सा और अनुसंधान की श्रेणी आते हैं। 

केन्द्रीय  शिक्षा मंत्री ने कहा कि   हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत को एक अग्रणी वैश्विक नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और पिरामिड आबादी के निचले हिस्से के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को किफायती और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

nirf ranking college list  : एनआईआरएफ रैंकिंग कैटेगरी को जरूरत के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है। वहीं मंत्रालय ने कहा है कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक की रैंकिंग पर पहले से ही काम चल रहा है। जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था होगी जहां प्रत्येक स्कूल को भी मान्यता दी जाएगी। हम राज्य सरकारों को साथ लेकर चलेंगे। माता-पिता को उस स्कूल की स्थिति का पता चल जाएगा जहां बच्चे को प्रवेश दिया जा रहा है।

education ministry  के अनुसार केवल वे विश्वविद्यालय/कॉलेज जिनके पास एनएएसी ग्रेडिंग या एनआईआरएफ रैंकिंग है, वे वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 12 बी के तहत यूजीसी द्वारा अनुरक्षित सूची में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।  हमारी मान्यता और रैंकिंग प्रणाली भी अंतरराष्ट्रीय हो जाएगी और विदेशी संस्थानों को इसका हिस्सा बनने के लिए आकर्षित करेगी। सीयूईटी गुणवत्ता और मानकीकरण की दिशा में एक सही कदम है। सीयूईटी में किसी भी शेष चुनौती का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा है कि कई निजी उच्च शिक्षा संस्थान (nirf ranking top university ) कुछ सकारात्मक कार्य या आरक्षण नीति लागू करते हैं। सभी निजी उच्च शिक्षा संस्थान समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने और एनईपी 2020 के सिद्धांतों का पालन करने के लिए उस दिशा में आगे बढ़ेंगे। संस्थाएं बहु-विषयक हो जाएंगी। प्रबंधन श्रेणी में शीर्ष 10 में आने वाले आईआईटी से पता चलता है कि बाजार भी बहु-विषयक शिक्षा और संस्थानों की इच्छा रखता है।

बात की जाये आधुनिक शिक्षा नीति की तो केन्द्र सरकार ने आधुनिक उपयोगिता के लिये सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाले डिजिटल शिक्षा पर आधारित नीतियों को जोर दिया है जिससे अब शिक्षा का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। 

nirf ranking university 2022 - अब शिक्षा के लिये ऑनलाईन डिग्री देने के लिये उपयोग भविष्य में चलन में होगा। एक बात यह भी है कि मेक इन इंडिया तथा स्टार्टअप योजना को भी बल मिलेगा। युवाओं को भारत की तरक्की के लिये नया सोचना होगा और देश की तरक्की में ही अपनी तरक्की है ऐसा भाव रखकर चलना होगा।

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