crisis in pakistan 2022: पाकिस्तान पर कर्ज: कागज नहीं बना पा रहा

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crisis in pakistan 2022: पाकिस्तान पर कर्ज:  कागज नहीं बना पा रहा, बलूचिस्तान चीन को देने की नौबत और

पाकिस्तान (Pakistan news 2022 ) में बिजली और पेट्रोल के बाद कागज संकट
crisis in pakistan 2022 - पाकिस्तान के नये पीएम ने नये वायदे तो किये पर पुरानी हालत को सुधारने की बजाय पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को ही चौपट करने पर तुले रहे। pakistan prime minister 2022 - पाकिस्तान के पीएम शरीफ और उनके बेटे पर भी एक तरफ गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की जनता को पहले बिजली और पेट्रोल के लिये तो वहीं अब कागज के लिये भी तरसाया जा रहा है।

 इस बार पाकिस्तान की  डॉन न्यूज़ पाकिस्तान डॉन (डॉन न्यूज़ पाकिस्तान LIVE ) की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान पर कर्ज का दबाव बढ़ता चला जा रहा है वहीं अब कागज बनाने के भी पैसे नहीं बचे हैं। पाकिस्तान में कैसे हालत हैं यह जानने के लिये पढिय़े पूरी खबर।

पाकिस्तान को चीन का कर्ज पड़ेगा चुकाना:

पाकिस्तान ने अपनी लगाम खुद ही खींच ली है। पाकिस्तान ने एक तरफ बलूचिस्तान पर अत्याचार कर वहॉ की जमीन से खूब व्यापार किया तो वहीं अब चीन को बलूचिस्तान परोसने की तैय्यारी कर रहा है। जीं हा, खबर है कि ऐसा माना जा रहा है कि चीन पाकिस्तान से नाराज है। पाकिस्तान को अब कर्ज चुकाने और कर्ज लेने के बीच की शर्तों का पालन करना होगा। बलूचिस्तान को चीन के हाथों सौंप कर वह अपने कर्ज की कीमत चुकाना चाहता है। एक तरह से यह लीज पर देने वाला फैसला है।

बलूचिस्तान पर जुर्म का मिल रहा फल

शायद पाकिस्तान को बलूचिस्तानियों पर जुर्म करने का सबक मिल रहा है। सालों से बलुचिस्तान वाले अपनी आजादी की मांग करते रहे हैं तो पाकिस्तान भी अपनी सेना के बलबूते वहॉ की आवाज दबा देता है। पत्रकारों की हत्या करवाता है। पाकिस्तान की आवाज को यह बात  सीरे से नकारनी चाहिये कि पाकिस्तान में लोकतंत्र है। दरअसल पाकिस्तान में सेना की ज्यादातर हिस्सेदारी है सरकारी उपक्रमों में।  इसीलिये तो कुछ महिनों पहले ही इमरान खान ने भी भारत की तारीफ करते हुए अपनी सेना को ज्यादा दखल देने वाली बता दिया था।

डॉलर के मुकाबल कमजोर पाकिस्तानी रूपया

पाकिस्तान में डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रूपया कमजोर हो गया है। पहले की तुलना में मुद्रा पर भी भार बढ़ा है। मांग व पूर्ति पर संतुलन भी नहीं होने के कारण पाकिस्तान में महंगाई चरम पर है। इसी का नतीजा है गरीबी और भूखमरी।  विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट हो रही है। इसे देखते हुए पिछले दिनों एक मंत्री ने लोगों को चाय कम पीने की सलाह भी दी थी।

बिजली और पेट्रोल के बाद कागज संकट

हालिया हाल देखें तो पाक में कागज का संकट है।  पाकिस्तान में कागज काफ ी महँगा हो गया है और इसकी कीमत रोज बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान पेपर एसोसिएशन ने कहा है कि देश में कागज का संकट है। इसके कारण अगस्त 2022 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों के लिए किताबें उपलब्ध नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि वैश्विक मुद्रास्फीति, सरकारों की गलत नीतियों और स्थानीय कागज उद्योगों के मनमानी से यह संकट पैदा हुआ है।  नए शैक्षणिक वर्ष में पेपर संकट के कारण छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं होंगी।

पुराने कर्ज के लिये नये कर्ज लेता फिर रहा पाकिस्तान

जब पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए कर्ज लेने पड़ रहे हैं तो सरकारें इन आर्थिक समस्याओं का समाधान कैसे करेंगी।  पाकिस्तानी स्तंभकार अयाज आमिर ने दुनिया डेली में प्रकाशित एक लेख में  पूछा है कि कहा कि ये कभी न खत्म होने वाला सिलसिला अभी भी चल रहा है और अब पाकिस्तान उस मुकाम पर पहुँच गया है, जब कोई भी देश कर्ज देने को तैयार नहीं है।

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