jalvayu parivartan: पर्यावरण में स्वच्छ जलवायु के लिये बने मिशन

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jalvayu parivartan  :
आपको पता ही है कि विश्व में पर्यावरण दिवस (about paryavaran in hindi) 5 जून को मनाया जाता है। इस दिन पर्यावरण (vishva paryavaran divas 2022 )की रक्षा का संकल्प लिया जाता है साथ ही पर्यावरण की देखभाल करते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जाता है। यह तो रही बात देश विदेश की परंतु आज का विषय है कि पर्यावरण में जलवायु (climate change in hindi) की स्वच्छता के लिये क्या-क्या प्रयास किया जा रहे हैं? इसके लिये क्या मिशन बनाना चाहिये। 

hindi environment - भारत में रह रहे युवाओं से ही देश में वायुगुणवत्ता के मिशन को चलाने की जिम्मेदारी का पालन करने का भरोसा है। आज युवा लोगों से सतत जीवन शैली, उचित व्यवहार और दृष्टिकोण अपना कर ही जलवायु के लिये प्रयास कर सकते हैं।  इस समय स्वच्छ हवा एवं जलवायु को मिशन बनाने के लिये आवश्यक है कि वायु की वायु गुणवत्ता अर्थात हवा की शुद्धता में सुधार कार्य भारत के शहरों में बेहतर वायु गुणवत्ता अर्जित करने के लिये हो । जिस प्रकार से हाल में  तमिलनाडु  जो की  30 लाख से अधिक जनसंख्या वाला शहर है शहरों जैसे चेन्नई, मदुरै और त्रिचीशहरों की वायु गुणवत्ता राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानकों के अंदर ही है

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देश के  100 शहरों में में वायुगुणवत्ता की होगी बेहतरी 

 केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री ने हाल ही कहा था कि   लगभग 100 शहरों में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाकर सभी लोगों के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने को पीएम मोदी प्रतिबद्ध हैं। वैसे एनसीएपी के  आकड़े को देखा जाये तो  तहतवर्ष2014 से 2018 से वायु गुणवत्ता के मामले में देश में 132 गैर-उपार्जित शहरों की पहचान हुइर् है  जिसमें दक्षिण भारत में सभी प्रकार के आकारों और शहरों का विषम मिश्रण है जिसमें दक्षिणी भारत में आंध्र प्रदेश के 13 शहर और तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना के चार-चार शहर शामिल हैं।

यूएई और भारत ने जलवायु को लेकर चिंतित

 हाल ही में भारत और यूएई ने जलवायु को लेकर और जलवायु से जुड़े मुददों को लेकर चर्चा की है। इस बारे में  केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री (environment hindi ) और ने संयुक्त अरब अमीरात के जलवायु दूत तथा उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री महामहिम डॉ. सुल्तान अल जाबेर के साथ एक द्विपक्षीय बैठक हुई थी।  

भारत और यूएई के मंत्रियों के द्वारा एक समझौता पर हस्ताक्षर भी किया गया था। जिसका मूल उद्देश्य जलवायु कार्रवाई के संबंध में द्विपक्षीय सहयोग को सुविधाजनक और सशक्त बनाने हेतु कार्यप्रणाली बनाने के साथ-साथ कमेटी स्थापित करना है।

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