चीनियों को नहीं मिला वेतन...भड़के चीन ने लाया पाक में संकट ? Pakistan Political Crisis

0

पाक PM इमरान के राज में पाकिस्तान में राजनीति का अस्तित्व खतरे में है। बात की जाये इमरान खान की तो जब 2018 से उनकी सरकार पाकिस्तान में आई है। तब से ही पाकिस्तान ने मांगी भीख । अब आपको बता दें कि पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जो अपनी रोजी-रोटी के लिये भी तरसता हुआ देश कहलाता है। पाक PM इमरान के राज में ऐसे पाकिस्तान के लिये एक कहावत प्रसिद्ध है : …… नहायेगा क्या और निचोड़ेगा क्या?  

पाकिस्तान की नीतियां सेना और राजनीति की बीच में फंसी हुई है। एक ओर इमरान खान जो अपनी सरकार के गिने-चुने दिन काट रहे हैं वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सेना भी तख्तापलट की ओर अपनी विचार रख रही है।  हालांकि इमरान खान विपक्षी नेताओं से भी घबराए हुए हैं और पाकिस्तान की सेना भी इमरान खान से नाराज चल ही है। पाक में भूचाल  के बीच पाकिस्तानी सेना की ताकत इमरान खान की सरकार पलटने की हिम्मत रखती है। पुरानी सरकारे भी पाकिस्तान में सेना ने पलटी थी जैसे नवाज शरीफ की सरकार का हश्र हुआ था वैसी ही उम्मीद की जा रही है।

जिनपिंग के इशारे से पाकिस्तान में संकट

पाक में भूचाल का कारण भले ही राजनीति रही है। परंतु ऐसा माना जा रहा है कि चीन भी पाकिस्तान में हो रही राजनीतिक उथल-पुथल का कारण है। चीन की सीपीईसी योजना पर प्रश्न चिन्ह पाकिस्तान के पीएम इमरान खान लगा रहे हैं। इमरान के विरोध में चीन और पाकिस्तान की सेना (ISI) उतरी है।   चीनी कंपनियों के अरबो डॉलर का भुगतान पाकिस्तान सरकार नहीं कर रही है कारण है पाकिस्तान की तंगी-हाल सरकार।  ग्लोबल आर्थिक गलियारा बनाने की इच्छा रखने वाले चीन का ड्रीम प्रोजेक्ट CPEC पाक पीएम इमरान के शासन में पटरी से उतर गया है.  

चीन ने इमरान की उम्मीदों पर फेरा पानी : पाक में भूचाल

पाक PM इमरान के राज में शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट न सिर्फ ठप हो गया है, बल्कि इन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही. चीन की पाकिस्तान में रहने वाली कंपनी ने पाकिस्तान को एक चिटठी लिखी थी जिससे खुलासा हुआ है ‍ कि वेतन का भुगतान पाक पीएम इमरान ने नहीं किया है।

इमरान खान के ख्वाब थे कि चीन (China)  कर्ज पर कर्ज देता रहेगा लेकिन चीन की स्टेट ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ चाईना की इकाई ने पाकिस्तान में काम कर रहे वेतनभोगी कर्मचारियों को अब तक भुगतान पूरा नहीं दिया  है। चीन की कंपनियों के अरबों रूपये इमरान सरकार के पास फंसे हुए हैं। जिससे अब पाकिस्तान में संकट की स्थिति बन चुकी है।

इमरान खान जिनपिंग के महत्वकांक्षी योजना से खेलने की हिमाकत कर रहे थे, वह सत्ता में आने से पूर्व भी इस योजना का विरोध कर चुके थे पर हालात देख अपने सुर बदले। पाकिस्तान ने कर्ज देकर जो हालत अपनी बना ली है उसका नतीजा पाकिस्तान की जनता को भुगतना पड़़ा है।

कर्ज के लालच में शर्तों को किया शेयर : चीन भड़का

Pakistan Political Crisis : इमरान ने यहीं गलती नहीं की, बल्कि कुर्सी संभालने के बाद से वो लगातार CPEC की ऐसी शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिनसे चीन का गुस्सा बढ़ाता जा रहा था. दरअसल CPEC में चीन और पाकिस्तान के बीच लेनदेन की शर्तें गुप्त थी, समझौते के मुताबिक पाकिस्तान डील की डिटेल किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से साझा नहीं कर सकता था, लेकिन कर्ज के लिए इमरान ने CPEC की शर्तें IMF से साझा की.

सीपीईसी विरोध का अड्डा बना बलूचिस्तान:

पाकिस्तान में बलूचिस्तान और सिंध में में CPEC विरोधी प्रदर्शन होने से काम को रोकना पड़ा था। चीनी अधिकारियों पर हमले हुए थे परंतु पाक पीएम इमरान खान ये भूल गए कि CPEC चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसमें अड़चन की कीमत उन्हें कुर्सी देकर चुकानी पड़ेगी.

चीन के इरादों को जो भी समझ जाता है वह कभी भी चीन के चंगुल से आजाद होना ही पसंद करता है। इसीलिये इमरान खान ने कर्ज लेने के लिये रूस का दरवाजा खटखटाया था। परंतु रूस से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।

तख्तापलट करवाने में माहिर है पाकिस्तानी सेना व ISI

पाकिस्तान के इतिहास में पाकिस्तान की सेना (ISI) की भूमिका अहम रही है। चाहे बात राजनीति की हो या अतर्राष्ट्रीय मुददों की सेना की आवाज बुलंद रही है। पाकिस्तानी सेना और ISI मिलकर इमरान खान की खुशियां और चैन छिनने में जिम्मेदार बन सकते हैं। पाकिस्तानी सेना का सिक्का पूरे पाकिस्तान में चलता है। ISI पाकिस्तान की चुनावी गतिविधियों में पूरे पाकिस्तान को कंट्रोल करती है। पाकिस्तान की सेना (ISI) तख्तापलट करवाने में माहिर है: 12 अक्टूबर 1999 के दिन पाकिस्तान की सेना (ISI) ने महज 17 घंटों के भीतर तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर दिया था। इससे अब इमरान खान सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने की वजह भी मानी जा रही है।

अब देखना यह है कि पाकिस्तान में PM इमरान खान को पीटीआई की तरफ से कितने विधायकों का साथ मिलेगा और कितने विधायक पलटी मारेंगे। हालात तो यही दिख रहे हैं कि Pakistan की जनता (Pakistan Political Crisis) ने इमरान राज को बॉयकॉट करने की सोच रखी है। पाकिस्तान में गरीबी के दल-दल से इमरान खान जनता को निकालने में नाकामयाब साबित हुए हैं।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !